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जमाखोरों, कालाबाजारियों के खिलाफ कार्यवाही नहीं करने का कारण बतायें मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे!

जयपुर (ओएनएस) आगामी 11 जुलाई से राजस्थान विधानसभा का बजट अधिवेशन शुरू होने जा रहा है। इससे पहिले 6 जुलाई, 2014 को लोकसभा का बजट अधिवेशन शुरू हो जायेगा। वहीं राज्य में मंहगाई की मार से जनता में त्राहि-त्राहि मंची है। लेकिन राज्य की मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे सरकार अवाम की दु:ख तकलीफों को नजरन्दाज करने और प्रदेश के जमाखोरों, कालाबाजारियों, मुनाफाखोरों के खिलाफ कार्यवाही करने से बचने के लिये राज्य की राजधानी जयपुर से बीकानेर सम्भाग में पलायन कर गई है!
केंद्र सरकार ने साफ कर दिया है कि मंहगाई राज्य सरकारों का विषय है और मंहगाई पर अंकुश लगाने के लिये राज्य सरकार ही प्रभावी कार्यवाही कर सकती है। इस सम्बन्ध में केंद्र सरकार ने मंहगाई पर अंकुश लगाने के लिये राज्य सरकारों को चि_ी भी लिखी है!
दु:खद स्थिति यह है कि राजस्थान की वसुन्धरा राजे सरकार मंहगाई की मार से पीडि़त अवाम को राहत दिलाने हेतु अपने प्रशासनिक कार्यालयों में बैठ कर प्रशासनिक मशीनरी को चुस्त-दुरूस्त कर मंहगाई पर अंकुश लगाने और जमाखोरों, कालाबाजारियों और मुनाफाखोरों की लगाम कसने के बजाय पूरे प्रदेश की सरकारी मशीनरी को भगवान भरोसे छोड़ कर केवल बीकानेर सम्भाग में सैर सपाटे के लिये पहुंच गई हैं। पहिले वसुन्धरा राजे सरकार एक पखवाड़े तक राज्य की सरकारी मशीनरी को बेलगाम छोड़ कर भरतपुर सम्भाग में भटकती रही थी। लेकिन आज भी भरतपुर सम्भाग की प्रशासनिक मशीनरी जस की तस है। अब मैडम जी की सरकार बीकानेर सम्भाग के हालात सुधारने के लिये बीकानेर पहुंच गई है। बीकानेर सम्भाग के हालात सुधरें या ना सुधरें, यह तैय शुदा हकीकत है कि पूरे राजस्थान में प्रशासनिक मशीनरी निरंकुशित हो जायेगी! जमाखोरों, कालाबाजारियों, मुनाफाखोरों को सरकारी मशीनरी से तालमेल बैठा कर अवाम को लूटने की खुली छूट मिल जायेगी।
बिल्डर माफियाओं, भू-माफियाओं की भी पौ-बारह-पच्चीस हो जायेगी। सरकारी जमीनों पर कब्जा जमा कर लूट मचाने वाले भी निरंकुशित हो जायेंगे। प्रदेश की सरकारी मशीनरी भ्रष्टाचार में आकंठ डूबी हुई है। इन भ्रष्टाचाारी सरकारी अफसरों और कारिंदों पर सरकार का प्रशासनिक अंकुश ढीला होने के कारण बेलगाम अहलकार जनता को लूटने में जुट जायेंगे।
जब वसुन्धरा राजे सरकार बीकानेर सम्भाग से वापस जयपुर लौटेगी तब तक 11 जुलाई से राजस्थान विधानसभा का बजट सत्र प्रारम्भ हो जायेगा और तब वसुन्धरा राजे सरकार यह कहेगी कि अभी बजट सत्र चल रहा है और प्राथमिकता से विधायी कार्य निपटाये जाने हैं। ऐसी हालत में मंहगाई, भ्रष्टाचार, भू-माफियाओं, बिल्डर माफियाओं, जमाखोरों, कालाबाजारियों, मुनाफाखोरों पर कार्यवाही करने का अभी सही वक्त नहीं है। दूसरे शब्दों में चुनाव जिताने में धन की थैलियां खोलने वाले इस तकबे पर अगर सरकारी हथौडा चलेगा, तो वसुन्धरा राजे सरकार की चूलें हिल जायेंगी!
जयपुर नगर निगम क्षेत्र में भू-माफियाओं और बिल्डर माफियाओं ने जो बिना इजाजत गैर कानूनी और अवैध कॉमर्शियल काम्प्लेक्स बनाये हुए हैं उनमें से ज्यादातर अवैध कॉमर्शियल काम्प्लेक्स या तो भाजपा पार्षदों व नेताओं के हैं या फिर उन बिल्डरों के हैं, जिनको भाजपा पार्षदों और नेताओं का वरदहस्त है।
ऑल इण्डिया फारवर्ड ब्लाक के राजस्थान स्टेट जनरल सेक्रेटरी कामरेड हीराचंद जैन ने साफ शब्दों में राज्य की मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे से सवाल किया है कि जयपुर नगर निगम को भ्रष्टाचार में आकण्ठ डूबोने में मददगार भाजपा पार्षदों के खिलाफ कार्यवाही करने की उनमें हिम्मत क्यों नहीं है? अवाम में फैली चर्चाओं के अनुसार इन बिल्डरों से भाजपा पार्षदों और नेताओं ने मोटा चंदा-चि_ा विधानसभा और लोकसभा चुनावों में इकठ्ठा कर अवैध निर्माणों को प्रोत्साहन ही नहीं दिया, अपनी छत्रछाया में निर्माण भी करवाया है। भाजपाईयों द्वारा बटोरा गया माल आखीर गया कहां? क्या भाजपा के दफ्तरों में जमा हुआ या फिर उचन्ती में ही लापता हो गया!
कुछ भी हो, सवाल उठता है, जमाखोरों, कालाबाजारियों, मुनाफाखोरों, भू-माफियाओं, बिल्डर माफियाओं के खिलाफ कार्यवाही करने में वसुन्धरा राजे सरकार क्यों हिचक रही है? क्या चुनावों में मोटा चंदे के चलते कार्यवाही नहीं हो रही है? या फिर कोई दूसरा कारण है! यदि हां तो वह कारण बतायें मैडम जी!

 
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